उद्योग संगठन नैसकॉम के एआई प्रमुख अंकित बोस ने मंगलवार को बताया कि वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के तेजी से विकास से भारतीय कंपनियों के लिए कई नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे उनके व्यवसाय पर नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।
बोस ने कहा कि भारत में नौकरियों में कटौती के बजाय कामकाज की प्रकृति में बदलाव आएगा, क्योंकि एआई के बढ़ते उपयोग के साथ नई भूमिकाएं विकसित होंगी। उन्होंने एक मीडिया चैनल के साथ बातचीत में कहा, "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विकास हो रहा है, लेकिन इसे लागू करने के लिए लोगों की आवश्यकता है।"
उन्होंने आगे कहा, "भारत अपनी क्षमताओं को बढ़ा रहा है। एआई का व्यापक उपयोग हो रहा है और भारतीय पेशेवर इसे लागू करेंगे। यह हमारे लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन हमें समय के साथ आगे बढ़ना होगा और अपनी क्षमताओं को लगातार सुधारना होगा।" यह टिप्पणी एआई इम्पैक्ट समिट के एक सत्र के दौरान की गई।
बोस ने यह भी बताया कि अगले कुछ महीनों में लगभग डेढ़ लाख लोगों को एआई विकास कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे सरकार के साथ मिलकर कॉलेजों के लिए आवश्यक पाठ्यक्रम भी तैयार कर रहे हैं।
बोस ने कहा कि तेजी से बढ़ती तकनीक के कारण भारतीय कंपनियों को घरेलू या वैश्विक स्तर पर सेवाएं देने में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। वास्तव में, ये कंपनियां आगे बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर एआई के उपयोग के लिए अधिक लोगों की आवश्यकता है, जिसमें भारत की बड़ी ताकत है। हालांकि, अल्पावधि में कुछ उतार-चढ़ाव संभव हैं।
सत्र में सिफी टेक्नोलॉजीज के चेयरमैन राजू वेगेसना ने कहा कि एआई के क्षेत्र में अभी लंबा रास्ता तय करना है। उन्होंने भारत में डेटा केंद्रों के लिए बिजली आपूर्ति की उपलब्धता पर जोर दिया और कहा, "कृत्रिम मेधा कोई परियोजना नहीं है, यह एक यात्रा है। इसमें काफी समय लगेगा।"